प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
स्थलीय जलविज्ञान, जल संसाधनों और जल-रसायन के क्षेत्रों में वैज्ञानिक तथा वैज्ञानिक-शैक्षणिक कर्मियों का व्यापक और उच्च-गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण। अनुसंधान के क्षेत्र भूदृश्यों की संरचना, कार्यप्रणाली और गतिशीलता
उत्पादन के अवस्थिति-निर्धारण की प्राकृतिक, सामाजिक-ऐतिहासिक, सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी-प्रौद्योगिकीय परिस्थितियाँ, पूर्वापेक्षाएँ और कारक
विभिन्न विशेषज्ञताओं वाली—सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा पर्यटन और मनोरंजन संबंधी—बस्तियों की प्रणालियों और नेटवर्क संरचनाओं का गठन
समाज का क्षेत्रीय संगठन, जिसमें उसकी उत्पादक शक्तियाँ आदि शामिल हैं।








