प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
भूविज्ञान पृथ्वी, उसकी संरचना, इतिहास और छिपे हुए भंडारों का विज्ञान है। भूविज्ञान यह अध्ययन करता है कि चट्टानें और खनिज भंडार कैसे बनते हैं, भू-आकृति क्यों बदलती है, भ्रंश कहाँ स्थित हैं, विवर्तनिक प्लेटें कैसे गति करती हैं और आधुनिक समाज के लिए आवश्यक संसाधनों की खोज कहाँ की जाए।
नए खनिज भंडारों, दुर्लभ और दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं की मांग बढ़ रही है तथा निष्कर्षण की परिस्थितियाँ अधिक जटिल होती जा रही हैं। कंपनियाँ अन्वेषण की डिजिटल विधियों को अपना रही हैं: 3D मॉडलिंग, भौगोलिक सूचना प्रणालियाँ, ड्रोन और बड़े डेटा का विश्लेषण।
आधुनिक भूविज्ञानी एक ऐसा इंजीनियर है जो क्षेत्रीय परिस्थितियों, प्रयोगशाला और डिजिटल वातावरण में आत्मविश्वास के साथ काम करता है। भूविज्ञान इंजीनियरों की मांग लगातार बढ़ रही है।











