प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
आणविक इंजीनियरिंग रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, औषधिविज्ञान और जैव-प्रौद्योगिकी के संगम पर स्थित एक अंतर्विषयक क्षेत्र है। उन्नत स्तर पर विद्यार्थी HPLC, ELISA, IHC, PCR और मास स्पेक्ट्रोमेट्री सहित विभिन्न विधियों में दक्षता हासिल करते हैं और VR/AR तकनीकों का भी उपयोग करते हैं।
पाठ्यक्रमों की मॉड्यूलर संरचना व्यक्तिगत अध्ययन पथ को लचीले ढंग से तैयार करने की सुविधा देती है। अनुसंधान कार्य प्रमुख वैज्ञानिक और औद्योगिक केंद्रों में किया जाता है। विद्यार्थी जैविक रूप से सक्रिय पदार्थों (БАВ) के रसायन, आणविक डिज़ाइन और कोशिकीय तकनीकों का अध्ययन करते हैं तथा निर्धारित कार्यों वाली सामग्रियों के विकास के लिए अणुओं के गुणों के परीक्षण संबंधी परियोजनाएँ तैयार करते हैं।











