प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
मूलभूत खंड (शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, जैव रसायन, औषध विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान आदि) रोगजनन को समझने और उपचार चुनने के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है। व्यावसायिक चक्र में कैरियोलॉजी, पेरियोडॉन्टोलॉजी, एंडोडॉन्टिक्स, प्रोस्थोडॉन्टिक्स, बाल दंतचिकित्सा, जेरोंटोस्टोमेटोलॉजी, मुख एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी तथा संबंधित विषय शामिल हैं, जिससे उपचार के लिए समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित होता है। व्यावहारिक प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से होता है: पहले फैंटम मॉडल और सिमुलेशन कक्षाओं में कौशल (दाँत की तैयारी, भराई, एनेस्थीसिया आदि) का अभ्यास किया जाता है; इसके बाद शिक्षकों की निगरानी में चिकित्सा संस्थानों में नैदानिक प्रशिक्षण तथा अनुसंधान कार्य किया जाता है।










