प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
कार्यक्रम का आधार सामान्य और क्षेत्रीय पारिस्थितिकी, भू-दृश्य भू-रसायन, मृदा विज्ञान, जलविज्ञान, जलवायु विज्ञान और जैव-भूगोल के पाठ्यक्रम हैं। विद्यार्थी क्षेत्रीय अनुसंधान की विधियों में दक्षता हासिल करते हैं, जिनमें जल, मिट्टी और वायु के नमूने लेना, भू-दृश्यों का वर्णन करना तथा भू-वनस्पति और मृदा सर्वेक्षण शामिल हैं। GIS प्रौद्योगिकियों और दूरसंवेदी आँकड़ों के साथ कार्य को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है—विद्यार्थी उपग्रह चित्रों को संसाधित करना, डिजिटल भू-आकृति मॉडल बनाना और QGIS, ArcGIS तथा अन्य सॉफ्टवेयर परिवेशों में स्थानिक आँकड़ों का विश्लेषण करना सीखते हैं। व्यावहारिक अभिमुखी दृष्टिकोण प्रयोगशाला कार्य, क्षेत्रीय प्रशिक्षण और अनुसंधान परियोजनाओं के माध्यम से लागू किया जाता है।










