प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
यह कार्यक्रम भाषाविज्ञान, साहित्यिक अध्ययन और अंतर-सांस्कृतिक संचार के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करता है। विद्यार्थी भाषा सिद्धांत, साहित्य के इतिहास, शैलीविज्ञान और पाठालोचन में अपने ज्ञान को गहरा करते हैं तथा भाषावैज्ञानिक विश्लेषण की विधियों, कॉर्पस प्रौद्योगिकियों और मानविकी अनुसंधान में प्रयुक्त डिजिटल उपकरणों में दक्षता प्राप्त करते हैं। कार्यक्रम में व्यावहारिक कार्यशालाएँ, अनुसंधान कार्य और शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा मीडिया संगठनों में इंटर्नशिप शामिल हैं। स्नातक शिक्षक, शोधकर्ता, संपादक, अनुवादक और संस्कृति तथा संचार के क्षेत्र में विशेषज्ञ के रूप में कार्य करते हैं, साथ ही प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण से संबंधित IT परियोजनाओं में भी काम करते हैं।










