प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
यह कार्यक्रम विभिन्न समुदायों की पारंपरिक और समकालीन संस्कृतियों के क्षेत्र में शोधकर्ताओं को तैयार करने के लिए बनाया गया है। अध्ययन के अंतर्गत नृजातिविज्ञान और सामाजिक मानवविज्ञान के सिद्धांतों, क्षेत्रीय अनुसंधान की विधियों, नृवंशविज्ञान संबंधी दस्तावेज़ीकरण, अंतरजातीय संबंधों की विशिष्टताओं और सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन किया जाता है। शोधार्थी क्षेत्रीय कार्य करते हैं, नृजातीय-सांस्कृतिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण करते हैं तथा शोध-प्रकाशन और प्रस्तुतियाँ तैयार करते हैं। कार्यक्रम का समापन नृजातीय-सांस्कृतिक विकास की समसामयिक समस्याओं को उजागर करने वाले शोध-प्रबंध से होता है और यह इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं शिक्षण कार्य के लिए तैयारी प्रदान करता है.










