प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
उद्देश्य ऐसे परास्नातकों को तैयार करना है, जिन्हें सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में मूलभूत ज्ञान हो, जो महत्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक समस्याओं को स्वतंत्र रूप से परिभाषित कर सकें और आधुनिक दृष्टिकोणों तथा अंतर्विषयी संबंधों को ध्यान में रखते हुए उनका वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक विकास कर सकें, तथा सांस्कृतिक संस्थानों, प्रशासन, जनसंचार माध्यमों और शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, परियोजना एवं विश्लेषणात्मक, विशेषज्ञ, सांस्कृतिक-शैक्षिक और शिक्षण गतिविधियों से संबंधित कार्यों का समाधान कर सकें।












