प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
इस प्रोफेशन में आप डायग्नोस्टिक सिस्टम बनाने, हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए सॉफ्टवेयर डिजाइन करने और मेडिसिन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने का तरीका सीखेंगे. इनोवेटिव लैब में क्लासेस होते हैं, जहां आप सिमुलेशन सेंटर में अपने डिजाइन का टेस्ट कर सकते हैं. ग्रेजुएशन के बाद आप मेडिकल सिस्टम डेवलपर, क्लिनिक में आईटी स्पेशलिस्ट या बायोइनफॉर्मेटिक्स में रिसर्चर बन सकते हैं.









