प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
यह कार्यक्रम शिक्षा शास्त्र, मनोविज्ञान, सृजनात्मकता और कला के सभी रूपों—नृत्यकला, संगीत, दृश्य कला तथा रंगमंचीय गतिविधि—के संगम पर पेशेवर दक्षताओं के विकास का प्रावधान करता है।
अध्ययन के दौरान मास्टर’s छात्र समकालीन कला-शिक्षाशास्त्र के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रणाली और शैक्षिक प्रक्रिया में कला-तकनीकों के उपयोग में दक्षता प्राप्त करता है; व्यक्तिगत और सामूहिक रचनात्मक कृतियाँ तैयार करता है; कला-शिक्षाशास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित परियोजनाएँ (कार्यक्रम, गतिविधियाँ और पाठ) विकसित कर उन्हें व्यवहार में लागू करता है; वैज्ञानिक-व्यावहारिक सम्मेलनों में भाग लेता है, प्रायोगिक-अनुसंधान कार्य करता है और प्रकाशनों की तैयारी में योगदान देता है।









