प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
राष्ट्रीय स्तर की ऐतिहासिक प्रक्रियाओं के अध्ययन के साथ-साथ, कार्यक्रम में उनके क्षेत्रीय आयाम पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इससे अतीत और वर्तमान को जोड़ना, राष्ट्रव्यापी प्रक्रियाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय प्रक्रियाओं के साथ समन्वित करना, उनकी मुख्य विशेषताओं को उजागर करना और विकास की संभावनाओं को समझना संभव होता है।
मास्टर कार्यक्रम विद्यार्थियों को अंतर-सांस्कृतिक संवाद की प्रक्रिया में सांस्कृतिक विविधता का विश्लेषण करने और उसे ध्यान में रखने तथा मूलभूत राष्ट्रीय मूल्यों के आधार पर विद्यार्थियों के आध्यात्मिक और नैतिक विकास की परिस्थितियों एवं सिद्धांतों को लागू करने के लिए तैयार करता है।









