प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
स्नातकोत्तर कार्यक्रम अस्तित्वमीमांसा, ज्ञानमीमांसा और ज्ञान के सिद्धांत के क्षेत्र में शोधकर्ताओं तथा उच्च योग्यता वाले अकादमिक शिक्षण कर्मियों को तैयार करता है। स्नातकोत्तर विद्यार्थी अस्तित्व की मूलभूत समस्याओं, वास्तविकता की प्रकृति और संरचना, संज्ञानात्मक गतिविधि के नियमों, सत्य के मानदंडों तथा वैज्ञानिक विश्व-दृष्टि के विकास का अध्ययन करते हैं। यह शिक्षा संघीय राज्य आवश्यकताओं (ФГТ) के अनुरूप है और समकालीन दार्शनिक अवधारणाओं, वैज्ञानिक ज्ञान की पद्धति तथा पाठों के आलोचनात्मक विश्लेषण के सिद्धांतों में गहन दक्षता सुनिश्चित करती है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वतंत्र वैज्ञानिक और शिक्षण गतिविधि, शोध-पत्र लेखन तथा पीएचडी शोध-प्रबंध के बचाव के लिए तैयारी कराना है।







