प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
«ऊष्मा ऊर्जा और ऊष्मा तकनीक» दिशा में मानवता द्वारा ऊष्मागतिकी, ऊष्मा एवं द्रव्यमान स्थानांतरण, जल-गैस गतिकी, और सामग्री विज्ञान के क्षेत्रों में संचित सभी उन्नत ज्ञान समाहित है, जिसका उपयोग किसी भी प्रकार के ऊर्जा रूपांतरण उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। चाहे कोई रॉकेट अंतरिक्ष में जा रहा हो, गैस टरबाइन काम कर रही हो या परमाणु विद्युत संयंत्र का रिएक्टर चल रहा हो — हर जगह आधार में प्रकृति के मौलिक नियम और उन्नत उपलब्धियाँ होती हैं।
यह दिशा किसी भी प्रकार की बिजली और ऊष्मा के उत्पादन के लिए तथा किसी भी प्राथमिक ऊर्जा संसाधन के आधार पर ऊर्जा संयंत्रों के विशेषज्ञों को तैयार करती है.








