प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
छात्र प्राणीविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान, पादप शरीरक्रियाविज्ञान, जैवरसायन, आणविक जीवविज्ञान, आनुवंशिकी, शरीरक्रियाविज्ञान और विकासवाद के क्षेत्र में बुनियादी ज्ञान प्राप्त करते हैं। इससे उनमें सूक्ष्म कोशिकाओं से लेकर जटिल पारिस्थितिक तंत्रों तक जैविक प्रणालियों की समग्र समझ विकसित होती है। प्रयोगशाला अनुसंधान और क्षेत्रीय अवलोकनों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे छात्र सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहार में लागू कर सकें। शिक्षा प्रक्रिया में प्राणीविज्ञान संग्रहालय, वनस्पतिविज्ञान विभाग का हर्बेरियम संग्रह तथा आणविक जीवविज्ञान और पादप शरीरक्रियाविज्ञान की अनुसंधान प्रयोगशालाओं का उपयोग किया जाता है। शिक्षक छात्रों को विभागों के शोध-विषयों पर वैज्ञानिक कार्य करने में सक्रिय रूप से शामिल करते हैं।







