प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे भाषाविदों को तैयार करना है, जिन्हें साहित्य के सिद्धांत और इतिहास के क्षेत्र में गहन सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्राचीन लेखकों की कृतियों के अनुवाद और व्याख्या तथा प्राचीन भाषाओं और साहित्य के अध्यापन में व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो। शास्त्रीय भाषाओं, प्राचीन पौराणिक कथाओं और इतिहास का ज्ञान न केवल प्राचीन विश्व के मनुष्य की विचारधारा की विशेषताओं तथा प्राचीन संस्कृति के सौंदर्यबोध और नैतिक आधारों को समझने में सहायता करता है, बल्कि आधुनिक यूरोपीय देशों और रूस में चल रही भाषाई, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रक्रियाओं पर प्राचीन संस्कृति के प्रभाव के विभिन्न रूपों से परिचित होने का अवसर भी देता है। जर्मन, प्राचीन यूनानी और लैटिन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य है।








