प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
«विशेष (डिफेक्टोलॉजिकल) शिक्षा» के «पूर्व-प्राथमिक डिफेक्टोलॉजी» प्रोफ़ाइल में अध्ययन से ऐसे विशेषज्ञ तैयार किए जाते हैं जो शैक्षिक और चिकित्सा संगठनों में श्रवण, दृष्टि, वाणी, मस्कुलोस्केलेटल तंत्र और बुद्धि संबंधी विकारों, विकास में देरी, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकारों तथा बहुविकलांगता वाले लोगों के साथ काम कर सकें। डिफेक्टोलॉजिस्ट मनोवैज्ञानिक-चिकित्सीय-शैक्षिक आयोगों में भाग लेते हैं, विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं और आवश्यक परिस्थितियों का निर्धारण करते हैं, अनुकूलित शैक्षिक कार्यक्रम विकसित करते हैं और सुधारात्मक-विकासात्मक वातावरण तैयार करते हैं। व्यावहारिक प्रशिक्षण शैक्षिक संगठनों में होता है। विद्यार्थी छात्र वैज्ञानिक समाज में शोध कार्य करते हैं तथा सम्मेलनों, प्रतियोगिताओं और ओलंपियाडों में भाग लेते हैं।











