प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
मास्टर डिग्री कार्यक्रम रंगमंच और सिनेमा कला के उद्भव से लेकर वर्तमान समय तक उनके विकास की प्रमुख प्रवृत्तियों के समग्र अध्ययन पर आधारित है। इसमें समकालीन प्रदर्शन संस्कृति में हो रहे घटनाक्रमों के साथ-साथ आज के रंगमंच और सिनेमा के प्रमुख रचनाकारों के कार्यों का भी अध्ययन किया जाता है। संस्कृतियों के संवाद के संदर्भ में आधुनिक मीडिया प्रौद्योगिकियों पर भी ध्यान दिया जाता है। कार्यक्रम में प्राचीन काल से लेकर 18वीं शताब्दी के अंत तक के संस्कृति इतिहास से संबंधित पाठ्यक्रम तथा रंगमंच-विज्ञान और सिनेमा-विज्ञान के उद्भव एवं इतिहास को समर्पित खंड शामिल हैं। सेमिनारों में सामान्य सामाजिक-सांस्कृतिक समस्याओं और राष्ट्रीय मानसिकता की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न अवधारणाओं पर चर्चा की जाती है।












