प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे
“पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन” अध्ययन क्षेत्र में विद्यार्थी गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान और पारिस्थितिकी के साथ-साथ पृथ्वी विज्ञान की विभिन्न शाखाओं—भूविज्ञान, भू-आकृतिविज्ञान, मृदा विज्ञान, वायुमंडलीय विज्ञान, जलमंडलीय विज्ञान आदि—का आधारभूत ज्ञान प्राप्त करते हैं। विद्यार्थी भौगोलिक सूचना प्रणालियों (GIS) के उपयोग तथा हवाई और उपग्रह चित्रों के प्रसंस्करण का कौशल विकसित करते हैं। पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विशेषज्ञों के प्रशिक्षण में आधुनिक अनुसंधान विधियों का उपयोग किया जाता है, जिनसे जलवायु परिवर्तन का पूर्वानुमान, पर्यावरण प्रदूषण, पर्यावरणीय प्रभाव और पारिस्थितिक जोखिम का आकलन जैसी समस्याओं का समाधान संभव होता है।









